राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष और विजयादशमी उत्सव के अवसर पर फरह खंड के दौलतपुर मंडल स्थित दीनदयाल धाम में भव्य पथ संचलन और शस्त्र पूजन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयंसेवक शामिल हुए और अनुशासन, राष्ट्रभक्ति तथा सेवा भाव का संदेश दिया।
पथ संचलन के बाद हुए शस्त्र पूजन कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. संजय (सह विभाग कार्यवाह) ने संघ की स्थापना से लेकर शताब्दी वर्ष तक की कार्ययोजना और उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार संघ की विभिन्न इकाइयों ने राष्ट्रीय निर्माण और समाज सेवा में योगदान दिया है। साथ ही उन्होंने पांच परिवर्तन के माध्यम से समाज को जागरूक करने और स्वयंसेवकों को राष्ट्रहित में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विंग कमांडर केके शुक्ला ने की। उन्होंने कहा कि संघ की कार्यपद्धति अनुशासन, संगठन और राष्ट्रप्रेम की मिसाल है। इसी मार्ग पर चलकर युवा समाज और राष्ट्र के लिए सकारात्मक योगदान दे सकते हैं।
दीनदयाल धाम के निदेशक श्री सोनपाल ने भी कार्यक्रम में विचार व्यक्त किए और संघ की भूमिका को समाज उत्थान में महत्वपूर्ण बताया। इस अवसर पर प्रांत संयोजक ग्राम विकास श्री आरेंद्र, विद्यालय प्रबंधक नरेंद्र पाठक, प्रधानाचार्य लोकेश्वर प्रताप, महिपाल, सत्य प्रकाश, उमा शंकर, सौरभ, सागर, रामवीर, सतीश चंद, रवि शर्मा, देव अग्रवाल, विनोद, रविंद्र, पारस, पोहप सिंह, भोला चौधरी, रामजीत, नीरज और नरेश कटारा समेत सेकड़ों स्वयंसेवक मौजूद रहे।
पथ संचलन के दौरान स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में अनुशासनबद्ध होकर नगर में मार्च किया। स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक स्वागत करते हुए भारत माता के जयकारों से वातावरण को देशभक्ति से ओतप्रोत कर दिया। कार्यक्रम ने न केवल संघ के शताब्दी वर्ष उत्सव की गरिमा को बढ़ाया बल्कि समाज में राष्ट्रीय एकता, सेवा और अनुशासन का संदेश भी प्रसारित किया।