समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता नेता आजम खान मंगलवार को सीतापुर की जेल से रिहा किए गए। उनके बाहर आने के बाद सियासी माहौल गर्माने लगा है। आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी ने आजम की रिहाई पर खुशी जताई है। साथ ही उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने इस मुश्किल घड़ी में आजम खां का साथ नहीं दिया, ये गम भी बरकरार है।
मौलाना शहाबुद्दीन ने आजम खां को राय देते हुए कहा कि जेल से रिहाई के बाद पूरे प्रदेश में अपने बिखरे हुए साथियों को एकजुट करें और एक राजनीतिक पार्टी के गठन का ऐलान करें। 2027 के विधानसभा चुनाव में मजबूती के साथ अपने प्रत्याशी उतारें, ताकि अखिलेश यादव को उनकी हैसियत का बखूबी अंदाजा हो जाए। उत्तर प्रदेश का मुसलमान उनके साथ खड़ा नजर आएगा। मौलाना ने खुशी का इजहार करते हुए मुसलमानों के गम का भी एहसास दिलाया और कहा कि जिन्होंने समाजवादी पार्टी को खून और पसीने से सींचा, उनकी मेहनत का फल मुलायम परिवार को इतना मिला की मुलायम सिंह और उनके बेटे अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। मगर अखिलेश यादव ने इस मुश्किल घड़ी में आजम खां का साथ नहीं दिया और उन्हें अकेला छोड़ दिया। इसी को एहसान फरामोशी कहा जाता है।