चुनावी माहौल के चलते जनपद बरेली में सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश के छिटपुट मामले सामने आ रहे हैं। इसी बीच सोमवार को डीएम के आदेश पर जनपद में 27 सितंबर तक भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा-163 लागू कर दी गयी। जिले में सार्वजनिक शांति बनाए रखने के लिए अस्थायी बाधाओं को हटाने के उद्देश्य से इसे लागू किया है। इस धारा के अंतर्गत कोई भी व्यक्ति शोभायात्रा, जलसा-उर्स, कथा-कीर्तन व जागरण आदि कार्यक्रम प्रशासन से अनुमति लिए बगैर नहीं कर सकेगा। उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध वाद पंजीकृत किया जाएगा
अपर जिला मजिस्ट्रेट (नगर) सौरभ दुबे की ओर से जारी आदेश में कहा गया है जिलाधिकारी के आदेश 31 जुलाई के क्रम में 27 सितंबर तक जनपद में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा-163 लागू की गयी है। जनपद में किसी भी सार्वजनिक स्थान पर जनसभा, शोभायात्रा, जलसा, उर्स, कथा, कीर्तन व जागरण आदि किसी भी प्रकार का कार्यक्रम पुलिस-प्रशासन की बिना अनुमति के आयोजित नहीं किए जाएंगे। जिले में किसी भी सार्वजनिक स्थान पर पांच या उससे अधिक व्यक्ति एकत्रित नहीं होंगे, लेकिन यह प्रतिबंध सरकारी प्रतिष्ठानों पर सरकारी कार्य के निष्पादन के लिए एकत्र हुए सरकारी कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा।
आदेश में कहा है कि कोई भी व्यक्ति ऐसा कोई लेख, पर्चा या पोस्टर नहीं छपवाएगा और न ही ऐसा भाषण देगा, जिससे किसी भी जन समुदाय में तनाव या शांति भंग होने की संभावना उत्पन्न हो या सामाजिक विद्वेष फैले। कोई भी व्यक्ति किसी धार्मिक एवं ऐतिहासिक महापुरुष के विरुद्ध ऐसी कोई बात नहीं कहेगा या करेगा, जिससे किसी वर्ग के व्यक्तियों को ठेस पहुंचे।
सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने, धार्मिक उन्माद फैलाने व भ्रमण कर एक दूसरे को भड़काने का कार्य नहीं करेंगे। आदेश का उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता-2023 की धारा-223 के अंतर्गत दंडनीय होगा। उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित थाना प्रभारियों द्वारा व्यक्तियों के विरुद्ध वाद पंजीकृत कर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। इधर, एडीएम सिटी सौरभ दुबे ने बताया है कि आदेश पहले से लागू है, उसके क्रियान्वयन और लोगों को जानकारी देने के लिए पत्र जारी किया है।