Friday, January 30, 2026

KASGANJ NEWS पटियाली रिश्वत व बंधक कांड फिर सुर्खियों में, वा कासगंज पुलिस पहले कार्रवाई, अब बहाली, व्यापारी ने डीजीपी से लगाई निष्पक्ष जांच की गुहार, डीजीपी ने दिखाई सख्ती, 15दिन में रिपोर्ट तलब

लेखक: Guddu Yadav | Category: उत्तर प्रदेश | Published: September 22, 2025

KASGANJ  NEWS पटियाली रिश्वत व बंधक कांड फिर सुर्खियों में, वा कासगंज पुलिस पहले कार्रवाई, अब बहाली, व्यापारी ने डीजीपी से लगाई निष्पक्ष जांच की गुहार, डीजीपी ने दिखाई सख्ती, 15दिन में रिपोर्ट तलब


जागरण टुडे, गुड्डू यादव

कासगंज।

 पटियाली थाना क्षेत्र का बहुचर्चित रिश्वत व बंधक कांड एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। इस मामले में पहले पुलिस ने पटियाली थानाध्यक्ष सहीत अन्य पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की, बाद में चंद दिनो के अंदर बहाल कर दिया।आरोपियों की बहाली को लेकर पीड़ित व्यापारी अजय वर्मा ने लखनऊ पहुंचकर उत्तर प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्ण से मुलाकात की। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की।

गंजडुंडवारा के मूल निवासी व सहावर कस्बे के सर्राफा व्यवसायी अजय वर्मा ने बताया कि 5 अगस्त को उन्होंने थाना पटियाली में मुकदमा संख्या-322 दर्ज कराया था, जिसकी विवेचना सीओ पटियाली कर रहे हैं।

क्या है पूरा मामला

अजय वर्मा का आरोप है कि 20 जुलाई को तत्कालीन थाना प्रभारी पटियाली रामवकील सिंह, तत्कालीन एसओजी प्रभारी विनय शर्मा, भूदेव राजपूत व सुरजीत ने षड्यंत्र रचकर सिपाही पवन व सोवरन सिंह के जरिए उनकी सहावर स्थित दुकान से जबरन उठवा लिया था। गाड़ी में बैठाकर थाने लाया गया और भयभीत कर एसपी कासगंज के नाम पर 3.50 लाख रुपये नकद व सोने-चांदी के आभूषण जबरन वसूले गए।

आरोप सही, फिर भी बहाली

गोपनीय जांच में आरोप सही पाए जाने पर तत्कालीन एसपी अंकिता शर्मा ने थाना प्रभारी रामवकील सिंह, एसओजी प्रभारी विनय शर्मा और दोनों आरक्षियों को निलंबित कर दिया था। यहां तक कि पूरी एसओजी टीम को भंग कर दिया गया। बावजूद इसके कुछ समय बाद रामवकील सिंह व विनय शर्मा को बहाल कर दिया गया, जबकि दोनों आरक्षियों को जेल भेज दिया गया।

विवेचना में हो रहा खेल, दो बहाल एक की जमानत

व्यापारी का कहना है कि विवेचना के दौरान संलिप्त अधिकारियों और व्यक्तियों के नाम जबरन हटाए जा रहे हैं। एफआईआर में भी फेरबदल कर कई के नाम दबा दिए गए। इस  मामले में  इंस्पेक्टर रामवकील सिंह   एसओजी प्रभारी विनय शर्मा को बहाल कर दिया गया, जबकि पवन कुमार सिपाही को जमानत मिल चुकी है।

डीजीपी की सख्ती

अजय वर्मा ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए डीजीपी  राजीव कृष्ण ने डीआईजी अलीगढ़ प्रभाकर चौधरी से 15 दिन के भीतर निष्पक्ष जांच रिपोर्ट तलब की है।
इस नई कार्रवाई के बाद पटियाली रिश्वत व बंधक कांड एक बार फिर सुर्खियों में है।


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