जागरण टुडे, बरेली
बरेली की आंवल तहसील क्षेत्र में विधवा पेंशन लेने का एक अजीबो गरीब मामला सामने आया है। यहां केवल पत्नी ने पति को मृत दर्शाकर विधवा पेशन हासिल नहीं की, बल्कि उसकी दो बेटियों ने पति की जगह पिता नाम दर्ज करने के बाद उन्हें मृत दर्शाया और निराश्रित महिला पेंशन हासिल कर ली। इसकी शिकायत के बाद मामला खुला तो अधिकारी भी हक्के-बक्के रह गए। एसडीएम ने तत्काल प्रभाव से तीनों मां-बेटियों की पेंशन रुकवाने के साथ ही अब तक ली गई पेंशन की रिकवरी के आदेश दिए हैं। साथ ही मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने वाले ग्राम पंचायत अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बरेली के आंवला कस्बे के मोहल्ला गौसिया चौक निवासी हसीना पत्नी आसिफ ने 15 जुलाई को मुख्यमंत्री समेत विभिन्न अधिकारियों को शिकायत भेजकर आरोप लगाया था कि मोहल्ला अनुपुरा नई बस्ती की निवासी अन्नी बेगम पत्नी अच्छन खां और उसकी दो बेटियों सन्नो बी और स्वालीन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर निराश्रित महिला पेंशन ले रही हैं।
अच्छन खां जीवित हैं। इसके बावजूद उनकी विवाहित बेटी स्वालीन ने वर्ष 2022 में पिता को अपना पति और मृत दर्शाते हुए पेंशन का लाभ उठाना शुरू कर दिया। पत्नी अन्नी बेगम ने वर्ष 2023 में पति को मृत दर्शाकर निराश्रित महिला पेंशन लेना शुरू कर दी। यही नहीं अच्छन खां की अविवाहित पुत्री सन्नो ने भी वर्ष 2023 में पिता को मृत बताकर निराश्रित महिला पेंशन लेने लगी।
इस पूरे प्रकरण की शिकायत पर जिला प्रोवेशन अधिकारी ने एसडीएम आंवला को दस्तावेजों की जांच कराकर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। जांच में सामने आया कि ब्लॉक बिथरी चैनपुर के गांव परेवा कुइया से सन्नो बी, कैमुआ खुर्द गांव से स्वालीन और अन्नी बेगम का पता दर्शाकर पेंशन स्वीकृत कराई गई।
तहसील टीम की रिपोर्ट में अच्छन खां (53 वर्ष) जीवित पाए गए, जबकि उनकी पत्नी और दोनों बेटियों ने गलत दस्तावेज प्रस्तुत कर निराश्रित महिला पेंशन हासिल की थी। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पेंशन प्राप्त करने वाली विवाहित पुत्री स्वालीन का पति आंवला के रहटुइया निवासी मुजायद हैं।
कागजों में अच्छन खां को तीन बार मारा गया
आलमपुर जाफराबाद के गांव मजनूपुर में वर्ष 2019 में तैनात रहे ग्राम पंचायत अधिकारी ने गजब का खेल कर दिया। अच्छन खां नाम के जीवित व्यक्ति को एक ही माह में तीन अलग-अलग तिथियों में मृत घोषित कर उसके तीन मृत्यु प्रमाणपत्र जारी कर दिए। पहला प्रमाणपत्र 15 मार्च 2019 को जारी किया गया। इसमें मृत्यु की तारीख 10 मार्च 2019 बताई गई। दूसरा प्रमाणपत्र 27 मार्च 2019 को जारी हुआ। इसमें मृत्यु की तिथि 18 मार्च 2019 दर्शाई गई है। तीसरा मृत्यु प्रमाणपत्र 30 मार्च 2019 को जारी किया गया। इसमें मृत्यु तिथि 25 मार्च 2019 दर्शाई गयी है। यह तीनों प्रमाणपत्र एक ही ग्राम पंचायत अधिकारी के हस्ताक्षर और मुहर के साथ जारी किए गये हैं।
शिकायत के बाद जांच कराई गई। जांच में फर्जीवाड़ा सामने आने पर तीनों निराश्रित महिला पेंशन बंद करा दी गई हैं। उनसे रिकवरी कराई जा रही है। प्रमाण पत्रों की जांच कर जारी करने वाले के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।-विदुषी सिंह, एसडीएम आंवला