रामपुर के उत्सव पैलेस रामलीला ग्राउंड में आयोजित श्रीरामलीला महोत्सव का पांचवा दिन श्रद्धा, संस्कृति और मनोरंजन की त्रिवेणी बन गया। सुबह से लेकर देर रात तक भक्ति की गूंज, तालियों की गड़गड़ाहट और दर्शकों का उत्साह पूरे पंडाल को जीवंत करता रहा।
सुबह 9 बजे दिन की शुरुआत रासलीला और श्रीकृष्ण की निकुंज लीलाओं से हुई। मंच पर जब नटखट कृष्ण की बाल लीलाओं और उनकी अद्भुत निकुंज लीलाओं का चित्रण हुआ, तो हर उम्र का दर्शक भाव-विभोर हो गया। बच्चों ने झूमकर तालियां बजाईं, वहीं बुजुर्गों की आंखें आस्था से नम हो उठीं।
शाम ढलते ही रंगीन रोशनियों और भक्तिमय संगीत ने वातावरण को और भी मनमोहक बना दिया। रात 8:30 बजे वृंदावन से आए कलाकारों ने अपने अभिनय और प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विश्वामित्र आगमन, ताड़का वध और मारीच-सुवाहु वध जैसे प्रसंगों को जिस भव्यता और जीवंतता से मंचित किया गया, उसने पूरा पंडाल तालियों और जयघोष से गूंजा दिया। इस मौके पर मुख्य अतिथि सीए आर.के. अग्रवाल, गिरीश सिंहल और उमेश कुमार सिंघल रहे। कमेटी ने उन्हें पुष्पगुच्छ, शॉल और मोमेंटो देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम का संचालन अध्यक्ष विष्णु शरण अग्रवाल, महामंत्री वीरेंद्र कुमार गर्ग और सह अध्यक्ष सुनील कुमार गोयल (सोनी ताऊ) सहित समिति के पदाधिकारियों ने किया। साथ ही हरीश चन्द्र अग्रवाल, सुभाष चन्द्र अग्रवाल, ईश्वर सरन अग्रवाल, विनोद कुमार गुप्ता, अरविन्द कुमार अग्रवाल, मनोज कुमार अग्रवाल, डॉ. सौरभ गुप्ता, जुगेश अरोड़ा, डॉ. अजय कुमार अग्रवाल, इंजीनियर शैलेन्द्र कुमार गोयल, राम प्रताप सर्राफ, अनिल कुमार चौरसिया, नितिन कुमार सर्राफ, हरिओम गुप्ता, पंकज गर्ग और अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।
रामलीला महोत्सव का पांचवा दिन न केवल श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर गया, बल्कि आने वाले दिनों की प्रस्तुतियों के प्रति उनकी उत्सुकता और भी बढ़ा गया। यह आयोजन एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक और सांस्कृतिक यात्रा साबित हो रहा है।