जागरण टुडे, बरेली
जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का यहां सर्किट हाउस पहुंचने पर जनप्रतिनिधि, भाजपा नेताओं और विभागीय अधिकारियों ने स्वागत किया। वह समीक्षा बैठक करने आए थे, लेकिन समय के अभाव में समीक्षा बैठक को निरस्त कर दिया। सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने विपक्ष के नेताओं पर जमकर निशाना साधा।
जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री का जन्मदिन सेवा पखवाड़े के रूप में मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री लगातार बिना अवकाश लिए ही देश की सेवा में लगे है। आगे कहा कि उत्तराखंड में बादल फटने से प्रदेश की सभी नदियों में पानी भरने से कई जिलों में बाढ़ आने से नुकसान हुआ है। अन्य जिलों में बारिश के चलते विभागीय अधिकारियों को अलर्ट रहने को कहा है।
राहुल गांधी के वोट चोरी के सवाल पर स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि कांग्रेस ही लूट करती थी। आज निष्पक्ष और पारदर्शी व्यवस्था है, इसलिए उनके पसीने छूट रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी कभी गलत काम नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में पुलिस गुंडई करती थी, लेकिन भाजपा सरकार में कानून का राज है। दिशा पाटनी के घर पर गोलीकांड के सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून का राज है। घटनाएं होती रहती है, लेकिन कानून किसी भी दोषी को नहीं छोड़ेगा।
नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के दिए गए संत के बयान पर उन्होंने कहा कि अखिलेश, राहुल और रावण देश को बांटने का काम करते हैं, लेकिन भाजपा देश को जोड़ने का काम कर रही है। इस दौरान सांसद छत्रपाल गंगवार, कैंट विधायक संजीव अग्रवाल, पूर्व सांसद धर्मेन्द्र कश्यप, भाजपा जिला अध्यक्ष सोमपाल शर्मा, आंवला जिलाध्यक्ष आदेश प्रताप सिंह समेत अन्य भाजपा नेता मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान जलशक्ति मंत्री ने देखा अंग्रेजों के जमाने का ट्रैक्टर
बरेली दौरे पर आए जलशक्ति मंत्री ने कैनाल कॉलोनी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने रुहेलखंड नहर खंड बरेली का कार्यालय का भी जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ब्रिटिश समय के उस ट्रैक्टर को भी देखा, जो मिट्टी में दबा मिला था। उन्होंने रुहेलखंड नहर खंड की टीम से ट्रैक्टर से संबंधित कई प्रश्न किए।
रुहेलखंड के अधिशासी अभियंता सर्वेश सिन्हा एवं सहायक अभियंता अजीत कुमार ने ट्रैक्टर के बारे में विस्तृत जानकारी दी। बताया कि यह एक स्टीम ट्रैक्टर है, जो कि लगभग 115 साल पुराना है। यह रंसोमेस सिम & जेफरें 19वीं, 20वीं सदी में ब्रिटिश कंपनी द्वारा 1905 में केवल 9 ही निर्मीत किए गए थे। इसका उपयोग खेत जोतना, फसल कटाई, भारी सामान उठाना है।
इस ट्रैक्टर के पहिए लोहे के हैं, जो कच्चे खेतों और मिट्टी में आसानी से चल सकते हैं। इसकी क्षमता 4 से 6 हॉर्स पॉवर थी। यह ट्रैक्टर कोयले के द्वारा चलता है। जब पूरे विश्व मे औद्योगिक क्रांति/ कृषि क्रांति आई तब इसका उपयोग भारत में हुआ।