विकास श्रीवास्तव
उझानी नगर पालिका द्वारा छोड़े जा रहे दूषित पानी को रोकने की मांग को लेकर नरऊ हाईवे के पास ग्रामीणों व कांग्रेस कार्यकर्ताओं का क्रमिक अनशन 88वें दिन भी जारी रहा। इस धरने में शामिल लोग केवल आंदोलनकारी नहीं, बल्कि ऐसे किसान हैं जिनकी फसलें बर्बाद हो चुकी हैं और जो अब रोजगार के लिए भी संघर्ष कर रहे हैं।
आज, 17 सितंबर को "राष्ट्रीय बेरोजगार दिवस" के मौके पर क्रमिक अनशन पर अमर सिंह जाटव, शंकर लाल जाटव, राजवीर जाटव, राजाराम जाटव और गुड्डू जाटव बैठे। शाम 5 बजे उन्हें जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया गया। इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष ओमकार सिंह, महासचिव इगलास हुसैन, सुधीर उपाध्याय, सचिव वीरपाल यादव, व ब्लॉक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष लोकेश गौड़ मौजूद रहे।
ओमकार सिंह ने कहा कि, "यह अनशन अब केवल दूषित पानी के खिलाफ नहीं, बेरोजगारी के खिलाफ भी है। जिन किसानों की फसलें नष्ट हो गईं, वे मजदूरी करके जीवन चला रहे थे। अब धरने पर बैठकर उनकी मजदूरी भी छिन गई। ऐसे में यह आंदोलन आगे चलकर उग्र रूप ले सकता है, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।"
अन्य कांग्रेस नेताओं ने भी सरकार से मांग की कि दूषित पानी की समस्या का शीघ्र समाधान किया जाए और प्रभावित ग्रामीणों को रोजगार के अवसर दिए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने अनदेखी की, तो यह आंदोलन जनांदोलन का रूप ले सकता है।
धरना स्थल पर सैकड़ों ग्रामीणों की उपस्थिति ने प्रशासन को यह स्पष्ट संकेत दिया कि अब धैर्य की सीमा समाप्त हो रही है।
अब समय है — समाधान का।