मंडलायुक्त ने सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए उठाया कदम, बरेली मंडल के सभी जिलों में किया लागू
जागरण टुडे, बरेली। बरेली मंडल की सभी ग्राम पंचायतों में सड़क सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण पहल की गई है। कमिश्नर सौम्या अग्रवाल ने ग्रामीण इलाकों में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को लेकर चारों जिलो के डीएम और सीडीओ को ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में ग्राम सड़क सुरक्षा समितियों का गठन अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए हैं। हादसे के दौरान इन समितियों के सदस्यों को क्या करना है, इसका प्रशिक्षण परिवहन विभाग देगा।
परिवहन विभाग के अनुसार सड़क सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे कदमों की निगरानी ग्राम सड़क सुरक्षा समितियां ही करेंगी। जहां जरूरी होगा, यह समिति ही एफआईआर भी दर्ज कराएगी। यह समिति हर महीने सड़क हादसों की जानकारी जिले की समिति को भेजेगी। साथ ही हर गांव में सड़क सुरक्षा प्लान बनाएगी। इतना ही नहीं ग्रामीणों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए जागरूक भी किया जाएगा।
ग्राम सड़क सुरक्षा समिति में ये लोग होंगे शामिल
ग्राम स्तर पर प्रधान अध्यक्ष, लेखपाल संयोजक, पंचायत सचिव सह-संयोजक और बीडीसी सदस्य, वार्ड सदस्य, विद्यालय प्रधानाचार्य, आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, कोटेदार, पुलिस बीट प्रभारी और नामित ग्राम स्तरीय स्वयंसेवक सदस्य होंगे। वहीं तहसील स्तर पर तहसील सड़क सुरक्षा समिति गठित होगी। इसकी अध्यक्षता एसडीएम करेंगे। ब्लॉक स्तर पर रोड सेफ्टी नोडल अधिकारी नामित किए जाएंगे। समिति की गतिविधियों की निगरानी एवं रिपोर्टिंग संजय एप के माध्यम से डिजिटल पद्धति से की जाएगी। उत्कृष्ट कार्य करने वाली समितियों को सड़क सुरक्षा रत्न ग्राम पंचायत घोषित कर सम्मानित किया जाएगा।
संजया एप के जरिए मिलेगा समाधान
संजया एप जो आईआईटी मद्रास के सेंटर आफ एक्सीलेंस फार रोड सेफ्टी ने तैयार किया है। बीते दिनों आरटीओ प्रवर्तन प्रणब झा ने सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में मंडलायुक्त के समक्ष इस ऐप का प्रस्तुतीकरण किया था। इसके बाद इसे ट्रायल के तौर पर मंडल में शुरू कर दिया गया था। यह एप ग्रामीणों को उनके क्षेत्र के ब्लैक स्पॉट की पहचान करने और उसे रिपोर्ट करने की सुविधा देगा। परिवहन विभाग के अधिकारियों का दावा है कि इसके माध्यम से सरकार तक दुर्घटनाओं से संबंधित डेटा पहुंचेगा और समाधान की दिशा में त्वरित निर्णय लिए जा सकेंगे।
आरटीओ प्रवर्तन प्रणब झा ने बताया कि मंडलायुक्त ने ग्राम सड़क सुरक्षा समितियों के गठन के प्रस्ताव को विस्तृत रूपरेखा सहित पूरे मंडल में लागू करने के निर्देश दिए हैं। यह ग्राम सड़क सुरक्षा अभियान आने वाले समय में ग्रामीण क्षेत्रों में दुर्घटनाओं के कारणों का पता लगाना, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान करने और उसके दीर्घकालिक समाधान ढूंढने और क्रियान्वित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।