करीब नौ साल पहले रेल यात्रा के दौरान युवती से पर्स लूटने और पकड़ने का प्रयास करने पर ट्रेन से फेंककर हत्या की कोशिश करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश तबरेज अहमद ने थाना भोजीपुरा के मोहल्ला कंचनपुर पीपलसाना निवासी राहुल गिहार को परीक्षण में दोषी पाते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर दो लाख रुपये का जुर्माने भी सुनाया है।
सरकारी वकील राजेश्वरी गंगवार ने बताया कि मुकदमा पीड़िता के पिता की ओर से लिखाया गया था। एफआईआर के मुताबिक 19 अगस्त 2016 को वादी की पुत्री जागृति शर्मा रेलवे स्टेशन इज्जतनगर से लखनऊ-काठगोदाम एक्सप्रेस में बैठकर किच्छा जा रही थी। वादी की पुत्री एक निजी कंपनी में प्रशिक्षु इंजीनियर के पद पर कार्यरत है।
घटना के दिन सुबह करीब 5 बजे ट्रेन जैसे ही भोजीपुरा रेलवे स्टेशन से रवाना हुई, वैसे ही एक लुटेरा गाड़ी में चढ़ा और वादी की पुत्री का बैग लेकर भागने लगा। उसने बैग छीनने का प्रयास किया तो लुटेरे ने धक्का दे दिया, जिससे पुत्री ट्रेन से नीचे गिर गयी। सूचना मिलने पर पुलिस ने घटना स्थल से घायल को उठाकर एसआरएमएस अस्पताल में भर्ती कराया।
इसके बाद उसे मेडिसिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां वह आईसीयू में भर्ती रही और लगभग 30 घंटे बीत जाने पर भी वह होश में नहीं आयी। पुलिस ने थाना जीआरपी, सिटी में अज्ञात के विरुद्ध लूट का मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना के दौरान राहुल गिहार का नाम प्रकाश में आया था। 23 अगस्त 2016 को पुलिस ने राहुल को पकड़ लिया था। उसके पास से 12 बोर का तमंचा व दो जिंदा कारतूस बरामद किये थे। अभियोजन ने 13 गवाह पेश किए। सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर कोर्ट ने लुटेरे को उम्रकैद की सजा सुनाई।