सोरों तीर्थ नगरी स्थित हरिपदी गंगा कुण्ड पितरों के तर्पण, पिंडदान और अस्थि विसर्जन का प्रमुख स्थल है, जहां पितृ पक्ष में देशभर से श्रद्धालु आकर अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पूजा-पुण्य करते हैं।
सोरों तीर्थ नगरी में इन दिनों देश भर से श्रद्धालु आ रहे हैं। जिससे इस पवन स्थल पर आस्था और भक्ति का माहौल बना हुआ है। पितृ पक्ष के मौके पर श्रद्धालुओं की भक्ति और श्रद्धा का धाम बना हुआ है। हरिपदीय गंगा कुण्ड का दृश्य अति भावुक और दिव्य हो गया है। पितृ पक्ष में लड्डू वाले बालाजी के घाट पर विद्वान आचार्य शशिधर द्विवेदी, पण्डित प्राज्ञेश द्विवेदी, पण्डित सक्षम द्विवेदी श्रद्धालुओं को जलदान(तर्पण) करा रहे हैं।
पितृ पक्ष में श्रद्धालु अपने पूर्वजों को जलदान और पिंडदान के अलावा अस्थि विसर्जन करने के लिए राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा,दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से श्रद्धालु आ रहे हैं। पण्डित प्राज्ञेश द्विवेदी ने बताया कि हरिपदीय गंगा कुण्ड उत्तर प्रदेश का एक मात्र ऐसा कुण्ड है जिसमें अस्थि तीन दिन में जल में विलीन हो जाती है। और पितृ पक्ष में सोरों जी में तर्पण करने से पितरों को विशेष शांति और मुक्ति मिलती है।