विदेश भेजने के नाम पर ठगी का एक और मामला सामने आया है। एक किसान के भतीजे को अमेरिका भेजने और वहां नौकरी दिलाने के नाम पर पंजाब के तीन एजेंटों ने 40 लाख रुपये का सौदा किया। परिजनों ने लाखों रुपये ट्रांसफर और नकद दिए, लेकिन आठ माह बाद भी न तो वीजा मिला और न ही रुपये लौटाए गए। उल्टा तगादा करने पर एजेंटों ने गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दी। एएसपी के आदेश पर गजरौला पुलिस ने तीनों जालसाजों पर एफआईआर दर्ज की है।
जालसाजों ने अमेरिका भेजने का दिया झांसा
ग्राम गजरौला खुर्द निवासी जसविंदर सिंह ने तहरीर में बताया कि उनके भतीजे वंश दीप सिंह को पंजाब के ग्रांड ओवरसीज अमृतसर के एजेंट कुलविंदर सिंह, सर्वजीत सिंह और नितिश देवगन ने अमेरिका भेजने का झांसा दिया। 40 लाख रुपये का खर्चा बताया। पीड़ित ने आरोपी कुलविंदर सिंह को 6.10 लाख रुपये, सर्वजीत कौर को 4.38 लाख रुपये और नितिश देवगन के खाते में 80 हजार रुपये ट्रांसफर किए। तीनों आरोपियों को 10 लाख रुपये नगद दिए। इसके बाद से आरोपी टालमटोल करते रहे। जब तकादा किया गया तो धमकी दे डाली।
पीलीभीत में सक्रिय बड़े गिरोह का खुलासा
पुलिस जांच में सामने आया कि जिले में विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने वाले एजेंटों का बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। बीते वर्ष विशेष अभियान चलाकर पुलिस ने 200 से अधिक एफआईआर दर्ज की थीं और कई जालसाज गिरफ्तार किए गए थे। दबाव बढ़ने पर कुछ ने पुरानी ठगी की रकम भी पीड़ितों को लौटा दी थी।
आतंकियों के एनकाउंटर से जुड़ा था अभियान
गौरतलब है कि यह अभियान उस समय शुरू हुआ था जब 23 दिसंबर 2024 को पूरनपुर में खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के तीन आतंकी एनकाउंटर में मारे गए थे। जांच में सामने आया था कि वे फर्जी आईडी से होटल में ठहरे थे। इसके बाद फर्जी आइलेट्स सेंटर और एजेंटों पर पुलिस का शिकंजा कसा गया।