जनपद शाहजहांपुर के ब्लॉक भावलखेड़ा की ग्राम पंचायत गुवारी के उटाह गांव में हर साल आने वाली गर्रा-खन्नौत नदी की बाढ़ ग्रामीणों के लिए बड़ी मुसीबत बन जाती है। बाढ़ के कारण नदी का कटान तेज हो जाता है, जिससे सैकड़ों बीघा खेती की जमीन नदी की चपेट में आ जाती है। नतीजतन फसलें पूरी तरह बर्बाद हो जाती हैं, और गांव के अंदर पानी भरने से ग्रामीणों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ती है।
गांव की इस समस्या को लेकर ग्रामीणों से मिलने पहुंचे पूर्व शिक्षक एमएलसी संजय कुमार मिश्र ने कहा कि कटान और बाढ़ से निपटने के लिए ठोस कदम उठाना बेहद जरूरी है। उन्होंने मौके पर ही एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार से फोन पर बातचीत कर नदी किनारे पत्थर लगवाने की मांग की। इस पर एडीएम ने आश्वासन दिया कि इस विषय पर जल्द ही विचार कर कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान पूर्व जिला पंचायत सदस्य पति मनोज कुमार वर्मा, ब्रजपाल वर्मा, रामप्रताप, आसाराम वर्मा, रामखिलावन, मिश्रीलाल, श्रीकृष्ण समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे। एमएलसी संजय कुमार मिश्र ने कहा कि उटाह गांव की समस्या लंबे समय से चली आ रही है और हर साल यहां के किसान बाढ़ और कटान से तबाह हो जाते हैं।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि क्षेत्रीय विधायक अरविंद सिंह, सांसद अरुण सागर और राज्यसभा सांसद मिथलेश कुमार को विश्वास में लेकर इस प्रस्ताव को जल शक्ति मंत्री के समक्ष रखा जाएगा और इसके लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। ग्रामीणों ने एमएलसी से अपनी समस्याएं साझा करते हुए कहा कि समय रहते अगर नदी किनारे कटान रोकने के लिए सुरक्षा कार्य नहीं किया गया, तो आने वाले वर्षों में और भी जमीन नदी में समा जाएगी।