कमिश्नर और डीएम के पास पहुंची शिकायत, सदर तहसील और सीओ सिटी तृतीय के यहां चल रही जांच
जागरण टुडे, बरेली। सदर तहसील के अमीन मनोज यादव और उसके गुर्गों ने आरसी वसूली के नाम पर बकाएदारों से रकम हड़पने का आरोप है। पीड़ितों ने इसकी शिकायत कमिश्नर और डीएम से की है, जिससे आरोपियों के खिलाफ सदर तहसील और सीओ सिटी तृतीय के यहां जांच चल रही है। बुधवार को पीड़ित रामकिशोर उर्फ छोटेलाल सागर और आरोपी रवि मौर्य को सीओ सिटी तृतीय के कार्यालय में बुलाकर पुलिस ने पूछताछ की। पुलिस सूत्रों के अनुसार जांच लगभग पूरी हो गई है। आरोपी मनोज यादव और उसके साथियों पर जल्द एफआईआर हो सकती है। यहां बता दें कि अमीन मनोज यादव सेक्स रैकेट चलाने के आरोप में पहले जेल जा चुका है।
अमीन और उसके गुर्गों पर आरसी वसूली के नाम पर बकाएदारों की रकम हड़पने का आरोप
बारादरी थाना क्षेत्र के पुराना शहर नवादा शेखान मोहल्ला निवासी विधवा मीना रानी और मोहल्ला कटरा चांद के रहने वाले रामकिशोर उर्फ छोटेलाल सागर ने अमीन अमीन मनोज यादव और उसके साथियों पर आरसी वसूली के नाम पर रुपये ऐंठने का आरोप लगाया है। पीड़ित मीना के मुताबिक होली के पांच-छह दिन बाद मोहल्ला कटरा चांद खां निकट मौर्य मंदिर का रहने वाला रवि मौर्य उनके घर पहुंचा, जो उनका रिश्तेदार है। उनसे रवि ने कहा कि तुम्हारे लड़के के नाम बिजली चोरी की 27500 रुपये की आरसी कटी है, जिसे जमा कर दो। वरना तुम्हारे लड़के को जेल हो जाएगी। 9 मई को रवि मौर्य 7-8 लोगों को लेकर दोबारा दोबारा उनके घर पहुंचा। तब मीना ने मोहल्ले वालों के सामने 27500 रुपये रवि मौर्य को दे दिए। मीना ने रसीद मांगी तो रवि ने तहसील खर्चे के नाम पर आठ हजार रुपये देने को कहा।
20 मई को पीड़िता के जेठ के बेटे से लिए थे आठ हजार रुपये
मीना के मुताबिक 20 मई को उनके जेठ के बेटे ओमप्रकाश मौर्य के घर रवि मौर्य और उसके साथी पहुंचे और आठ हजार रुपये लेकर चले गए। तभी से मीना लगातार आरसी के रुपये जमा होने की रसीद मांग रही हैं, और रवि मौर्य टालमटोल कर रहा है। कभी कहता साहब छुट्टी हैं, कभी खुद को छुट्टी पर बता देता। परेशान होकर 18 जून को मीना रसीद मांगने के लिए रवि के घर पहुंच गईं। उस वक्त रवि घर पर नहीं था। मगर बाद में मीना को धमकाने के लिए उनके घर जा पहुंचा। बोला-जब रसीद मिलेगी तो तुम्हे दे दूंगा। आइंदा मेरे घर मत आना।
19 जून को पीड़िता मीना रानी ने डीएम से की शिकायत
मीना के अनुसार उन्हें यकीन हो गया कि आरसी के नाम पर आरोपियों ने उनसे रुपये ठग लिए। इस पर 19 जून को मीना ने अमीन मनोज यादव, रवि मौर्य और उनके साथियों के खिलाफ डीएम से शिकायत की। डीएम ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम सदर को जांच कराने के निर्देश दिए, जिस पर एसडीएम ने तुरंत जांच कमेटी गठित कर दी। जांच टीम उसी दिन मीना के घर पहुंची और पूरे मामले की जानकारी ली। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी।
28 मार्च को पीड़ित रामकिशोर ने अमीन को दिए थे 30 हजार रुपये
कटरा चांद खां निवासी रामकिशोर उर्फ छोटेलाल सागर ने बताया कि रवि मौर्य फरवरी 2025 में उनके पास आया और अमीन मनोज यादव के बुलाने की बात कहकर अपने घर ले गया। उस वक्त उसके घर अमीन मनोज यादव समेत 7-8 लोग मौजूद थे। मनोज यादव ने आरसी कटने की बात कहते हुए 80 हजार रुपये जमा करने को कहा। रामकिशोर के मुताबिक 28 मार्च को रवि मौर्य उन्हें दोबारा बुलाकर अपने घर ले गया। उस दिन रामकिशोर ने 30 हजार रुपये अमीन मनोज यादव को दिए, लेकिन उसने रसीद नहीं दी। उन्होंने ज्यादा कहा तो धमकी दी कि बकाया रकम जमा नहीं की तो जेल भेज दूंगा। परेशान होकर रामकिशोर ने इसकी शिकायत बरेली डीएम से की थी। डीएम ने मामले की जांच सीओ सिटी तृतीय को दे दी।
पुलिस के बुलाने पर पीड़ित रामकिशोर, रानी मौर्य और आरोपी रवि मौर्य सीओ सिटी तृतीय के कार्यालय पहुंचे। जहां दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए। पीड़ित ने अपनी ओर से शपथ समेत कई सबूत पेश किए। पीड़ित पक्ष ने सीसीटीवी कैमरे की वीडियो भी दिखाई, जिसमें अमीन मनोज यादव और रवि मौर्य समेत कई लोग ओमप्रकाश मौर्य के घर रुपये लेने पहुंचे थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार जांच लगभग पूरी हो गई है। सबूतों के आधार पर पुलिस ने आरोपी अमीन मनोज यादव और उसके साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी कर ली है।
सेक्स रैकिट चलाने के आरोप में जेल जा चुका है अमीन मनोज
बरेली में मिनी बाईपास रोड स्थित आवास में सेक्स रैकेट चलाने के आरोप में इज्जतनगर पुलिस ने सदर तहसील के अमीन मनोज यादव को गिरफ्तार करके जेल भेज था। जेल जाने के बाद विभाग से मनोज यादव को सस्पेंड कर दिया गया था। हालांकि बाद में वह जमानत पर रिहा हो गया। अब आरसी वसूली के नाम पर बकाएदारों के रुपये हड़ने के मामले में अमीन मनोज यादव घिरता नजर आ रहा है।
सपा शासन में रहता था अमीन मनोज यादव का खासा दबदबा
समाजवादी पार्टी के शासन काल में अमीन मनोज का सदर तहसील में खासा दबदबा रहता है। विभागीय सूत्रों के अनुसार उस दौरान मनोज मनमाने तरीके से काम करता था। अफसर जानते हुए भी उससे कुछ नहीं कहते थे। तहसील के कर्मचारी भी उससे खौफ खाते थे।