निदेशक बोले-इस रैंकिंग से पशु चिकित्सा क्षेत्र में बढ़ेगी छात्रों की रुचि
जागरण टुडे, बरेली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गुरुवार को राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) 2025 की घोषणा की। इसमें भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) ने कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों की श्रेणी में देशभर में पांचवीं रैंक हासिल की है। खास बात यह है कि गत वर्ष भी संस्थान इसी पायदान पर रहा था।
इस उपलब्धि पर आईवीआरआई के निदेशक डॉ. त्रिवेणी दत्त ने कहा कि इस रैंकिंग से पशु चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में छात्रों की रुचि और अधिक बढ़ेगी। साथ ही संस्थान भविष्य में नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत भी करेगा। संयुक्त निदेशक डॉ. एस.के. मेंदीरत्ता ने कहा कि रैंकिंग से आईवीआरआई में अच्छी मेरिट वाले छात्रों का रुझान बढ़ेगा। इससे वर्तमान छात्रों को प्लेसमेंट में भी लाभ मिलेगा।
बता दें कि एनआईआरएफ, शिक्षा मंत्रालय की ओर से उच्च शिक्षण संस्थानों को रैंक देने की पद्धति है। इसमें रैंकिंग पांच मुख्य मापदंडों पर तय होती है— 30 प्रतिशत टीचिंग, लर्निंग और रिसोर्स, 30 प्रतिशत रिसर्च और प्रोफेशनल प्रैक्टिस, 20 प्रतिशत ग्रेजुएशन आउटकम, 10 प्रतिशत आउटरीच और समावेशिता तथा 10 प्रतिशत धारणा। इन्हीं आधारों पर देशभर के विश्वविद्यालयों और संस्थानों को स्थान प्रदान किया जाता है।
वर्तमान में आईवीआरआई में 1035 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जबकि इसके पूर्व छात्र देश-विदेश में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं।