बरेली रेलवे स्टेशन की टिकट खिड़की के पास से छह दिन पहले अगवा हुई साढ़े तीन साल की बच्ची को जीआरपी और आरपीएफ की टीम ने सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस ने इस सनसनीखेज अपहरण कांड का खुलासा करते हुए शाहजहांपुर निवासी दंपति को गिरफ्तार कर लिया।
ऐसे अंजाम दिया गया था अपहरण
जानकारी के मुताबिक, हरिद्वार निवासी मोनू 28 अगस्त को अपनी पत्नी रूपवती और बच्ची ऋषिका के साथ दवा लेने आया था। रूपवती स्टेशन पर पति और बच्ची को छोड़कर दवा लेने चली गई। इसी दौरान मोनू वहीं सो गया और मासूम पास में खेल रही थी। तभी आरोपी दंपति ने मौका पाकर बच्ची को उठा लिया। मां के लौटने पर बच्ची गायब मिली, जिसके बाद जीआरपी को सूचना दी गई। पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
सीसीटीवी और सर्विलांस से खुला राज
सीओ जीआरपी अनिल कुमार वर्मा ने बताया कि बच्ची के अपहरण की वारदात स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। सर्विलांस और तकनीकी जांच की मदद से पुलिस ने आरोपियों का सुराग लगाया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नन्हे उर्फ ननुआ पुत्र ओमकार और उसकी पत्नी कुसुम के रूप में हुई है। दोनों मूल रूप से मोहल्ला बड़ी बाजार, थाना गढ़िया रंगीन, जिला शाहजहांपुर के निवासी हैं और फिलहाल फर्रुखाबाद रोड, थाना जलालाबाद, शाहजहांपुर में रह रहे थे।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में एसएसआई संदीप बालियान, एसआई अनुराग प्रताप सिंह, आरपीएफ निरीक्षक विनीता कुमारी शामिल रहे। सर्विलांस टीम से हेड कांस्टेबल सचिन कुमार, पुष्पेंद्र चौधरी और हिमांशु मलिक ने अहम भूमिका निभाई।