पत्नी का आरोप—पुलिस ने अवैध हिरासत में लिया, हाईकोर्ट ने 8 सितंबर तक मांगा जवाब
भुता थाना क्षेत्र के ग्राम फैजनगर में अवैध मदरसे में धर्मांतरण कराने के मामले में हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है। अदालत ने पुलिस को लापता आरोपी महमूद बेग को कोर्ट में पेश करने और एसएसपी बरेली को 8 सितंबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि इस प्रकरण में पुलिस ने सरगना मदरसा संचालक अब्दुल मजीद सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जांच में सामने आया था कि गिरोह दो हिंदू परिवारों को मुस्लिम धर्म में परिवर्तित कराने की कोशिश कर रहा था। गिरफ्तार आरोपियों में अब्दुल मजीद के अलावा सलमान, मोहम्मद आरिफ और मोहम्मद फईम शामिल थे। वहीं इज्जतनगर थाना क्षेत्र के रहपुरा चौधरी निवासी महमूद बेग को गिरोह का सदस्य बताते हुए पुलिस ने उसे फरार दिखाया था।
इसी बीच, महमूद बेग की पत्नी परवीन अख्तर ने हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की। उन्होंने आरोप लगाया कि 20 अगस्त को उनके पति को सादा कपड़ों में पुलिस अपने साथ ले गई थी और तभी से वह लापता हैं। परवीन अख्तर का कहना है कि उन्हें आशंका है कहीं पुलिस उनके पति का फर्जी एनकाउंटर न कर दे।
इस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति जफीर अहमद व सलिल कुमार राय की बेंच ने एडीजी जोन बरेली, डीआईजी बरेली और एसएसपी बरेली से पूरी जानकारी मांगी है। अदालत ने साफ कहा है कि पुलिस लापता शख्स की तलाश कर उसे कोर्ट में पेश करे।
बरेली एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा है कि उच्च न्यायालय के आदेश का पालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए विशेष टीम गठित की जा रही है।
यह है पूरा मामला
यह प्रकरण तब उजागर हुआ जब अलीगढ़ निवासी अखिलेश कुमारी ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनके जन्मांध बेटे प्रभात उपाध्याय (जीआईसी शिक्षक) को मदरसे में रखकर दूसरी शादी का लालच देकर धर्मांतरण कराने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने छापेमारी कर मामला खोला और चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।