छांगुर बाबा की तरह जनपद में धर्म परिवर्तन कराने वाले गिरोह का मास्टर माइंड मदरसा संचालक ग्राम फैजनगर निवासी अब्दुल मजीद ने दिल्ली की कई बार यात्राएं की हैं। उसके खाते में भी दिल्ली के लोगों ने फंडिंग की है। माना जा रहा है कि वह फंड जुटाने के लिए दिल्ली की यात्राएं करता था। पुलिस इस पूरे मामले की तह तक जाने में जुटी हुई है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि मास्टर माइंड के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं। दो अन्य लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
अलीगढ़ के इन्द्रपुरी क्वारसी थाना महुआ खेड़ा निवासी अखिलेश कुमारी ने भुता थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में आरोप लगाया था कि ग्राम फैजनगर के मदरसे में रख कर उसके जन्मांध जीआईसी शिक्षक बेटे प्रभात उपाध्याय को दूसरी शादी का झांसा देकर धर्म परिवर्तन कराने के लिए आरोपी लगातार ब्रेनवॉश कर रहे हैं। पुलिस टीम ने मदरसे में छापा मारकर मदरसा संचालक ग्राम फैजनगर निवासी मुख्य आरोपी अब्दुल मजीद, ग्राम करेली के सलमान, मोहम्मद आरिफ और सैदपुर चुन्नीलाल भोजीपुरा निवासी मोहम्मद फईम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह का मास्टर माइंड अब्दुल मजीद अक्सर दिल्ली की यात्रा करता था। पुलिस जांच करके दिल्ली की सबसे अधिक यात्राएं करने के कारणों के बारे में पता लगाने में जुटी हुई है। साथ ही इस गिरोह को पूरी योजना के साथ चलाने के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस जल्द ही इसका भी पर्दाफाश करेगी।
सॉफ्टवेयर कंपनी में नौकरी छुड़वा कर बुलाया बरेली
सुभाषनगर थाना क्षेत्र के करेली का रहने वाला बृजपाल पुणे महाराष्ट्र में सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करता था। वह सोशल मीडिया के जरिये इस गिरोह के संपर्क में आया। उसे गिरोह के लोगों ने वहां से बरेली बुलाया। यहां पर एक बिरयानी की दुकान पर काम पर रखवाया। जहां पर उसका रोजाना ब्रेनवॉश किया जा रहा था। इतना ही नहीं उसका धर्मांतरण भले ही करा दिया गया हो मगर उसके सभी दस्तावेजों पर अभी पुराना नाम और धर्म अंकित है। ऐसे कई सवालों का जवाब पुलिस तलाश रही है।
मजीद दूसरी बहन का भी कराना चाहता था धर्मांतरण
पुलिस जांच में सामने आया कि अब्दुल मजीद ने अपनी एक बहन का धर्मांतरण कराकर आगरा के अली के साथ निकाह कराया था। उसे भी हाल ही में धर्मांतरण के मामले में गिरफ्तार करके जेल भेजा गया था। इतना ही नहीं मास्टर माइंड अपनी दूसरी बहन का भी धर्मांतरण कराना चाहता था, लेकिन उसकी पहले ही शादी हो चुकी थी। इसके कारण उसका धर्मांतरण कराने में असफल रहा। मजीद के गिरोह की खासियत ये है कि इसके सदस्यों ने सोशल मीडिया पर कई ग्रुप बना रखे थे। इनमें धार्मिक कट्टरपंथी जाकिर नाइक व अन्य आधुनिक सोच के मुस्लिम विद्वानों के ऑडियो और वीडियो शेयर किए जाते थे।
एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा मास्टर माइंड अब्दुल मजीद अक्सर दिल्ली की यात्रा करता था। इसके पीछे की वजह जानने के लिए पुलिस लगातार जांच में तेजी ला रही है। इस पूरे गिरोह के पीछे कौन-कौन और मास्टर माइंड शामिल हैं, उनको भी चिन्हित किया जा रहा है। जल्द ही सभी आरोपियों का पर्दाफाश किया जाएगा।