सुमित विजयवर्गीय।कासगंज
जागरण ढुड़े: जनपद कासगंज के कस्बा गंजडुंडवारा के कपड़ा व्यापारी अंकुर गुप्ता मारपीट प्रकरण में पुलिस की धीमी कार्रवाई से गुस्साए परिजनों और व्यापारियो का आक्रोश सोमवार को सड़कों पर खुलकर सामने आया। कस्बे में बाजार बंदी के बाद सैकडो की भीड़ राजाराम चौराहे पर धरने पर बैठ गई और इसे करीब 6 घंटे कब्जे में लेकर जाम कर दिया।
धरने में शामिल हुए अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुमंत कुमार गुप्ता एवं पूर्व विधायक ममतेश शाक्य ने भी आंदोलनकारियों का साथ दिया। उन्होने कहाँ जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती और सख्त कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक वैश्य समाज चुप नहीं बैठेगा।
प्रदर्शनकारियों के आरोप
धरनास्थल पर परिजनों और भाजपा नेताओं ने साफ आरोप लगाया कि – “अंकुर को चोर समझकर नहीं, बल्कि उसकी गाड़ी पर भाजपा का झंडा लगा होने के चलते बेरहमी से पीटा गया।” भीड़ ने पुलिस पर पक्षपात और आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की।लोगों ने यहां तक मांग की कि आरोपियों पर रासुका लगा इनके मकानों पर प्रशासन को बुलडोजर चलाना चाहिए, तभी अंकुर गुप्ता को न्याय मिल सकेगा।
पुलिस पर गुस्सा
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए एसपी को मौके पर बुलाने की मांग की। भीड़ का कहना था कि कई दिन बीतने के बावजूद पुलिस ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिससे साफ है कि मामले को दबाने की कोशिश हो रही है।लेकिन 6 घंटे बाद भी एसपी मौके पर नही पहुंची।
आश्वासन पर खत्म हुआ आंदोलन
करीब 6 घंटे तक चले चौराहे जाम और धरने के बाद आखिरकार सीओ संतोष कुमार मौके पर पहुंचे और उन्होंने परिजनों व व्यापारियों को 5 दिन में कार्रवाई का आश्वासन दिया। उनके आश्वासन पर अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुमंत कुमार गुप्ता एवं पूर्व विधायक ममतेश शाक्य ने धरना खत्म करने की घोषणा की।
कस्बे में गूंजता रहा सवाल
इस दौरान प्रदर्शन स्थल पर एलसीडी लगा मारपीट की वीडियो चलाई गई। जिससे व्यापारी के साथ हुई घटना का सवाल गूंजता रहा। व्यापारियों ने साफ कहा कि यदि पांच दिन में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और व्यापक होगा।