चन्दौसी: अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लोगों को भेदभाव और उत्पीड़न से बचाने के लिए एससी-एसटी एक्ट लाया गया था। मगर कुछ लोग इलाके में अपना दबदबा कायम करने के लिए एसी-एसटी एक्ट का दुरुपयोग कर रहे हैं। चंदौसी में छोटी-मोटी मारपीट की घटनाओं में झूठे आरोप लगाकर एस-एसटी एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज करा दिए गए। इससे समाज में न केवल जातिगत तनाव बढ़ रहा है, बल्कि निर्दोष लोगों को फंसाया जा रहा है।
जानकार सूत्रों के अनुसार करीब एक वर्ष पूर्व एक राशन डीलर ने मौर्य समाज के तीन लोगों पर एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने मामले की जांच की तो आरोप झूठा पाया गया। इसी प्रकार भाजपा नेत्री पुष्पलता पाल के खिलाफ उनके पड़ोसी ने एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसके अलावा सेवानिवृत्त लेखपाल राजेन्द्र सिंह के बेटे पर एससी-एसटी एक्ट के तहत झूठा अभियोग पंजीकृत कराया गया।
चार दिन पहले 19 अगस्त को हनुमानगढ़ी क्षेत्र में रहने वाले महेश शर्मा का अपने पड़ोसी शिवम पुत्र होरीलाल से विवाद हो गया था। इसमें महेश शर्मा पख के छोटें भी आईं। इस पर शिवम ने जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गालियां देने का आरोप लगाकर तहरीर दे दी, जिस पर पुलिस ने महेश शर्मा और उनके परिवार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। महेश का कहना है कि झगड़ा मामूली था, एससी-एसटी एक्ट लगाकर उन्हें झूंठा फंसाया जा रहा है।