बरेली में शिक्षा विभाग ने वर्ष 2016 में अखिलेश सरकार में छात्र-छात्राओं को वितरित करने के लिए आए करीब 14 लाख रुपये कीमत के लैपटॉप मेधावियों को तो नहीं बांटे, बल्कि उनकी रखवाली पर करीब 53 लाख रुपये खर्ज कर डाले। सोमवार को सपा नेताओं ने जिला विद्यालय निरीक्षक को ज्ञापन देकर इस मुद्दे को उठाया और कार्रवाई की मांग की। मामले में कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
समाजवादी पार्टी के जिला महासचिव संजीव यादव, जिला उपाध्यक्ष प्रमोद सिंह बिष्ट, हैदर अली समेत अन्य सपा नेताओं ने सोमवार को जिला विद्यालय निरीक्षक को ज्ञापन देकर कहा कि यह मामला न केवल सरकारी धन के दुरुपयोग का है, बल्कि मेधावी छात्रों के साथ अन्याय का भी है, जिन्हें पढ़ाई के लिए लैपटॉप की सख्त जरूरत है।
जिला महासचिव संजीव यादव और जिला उपाध्यक्ष ठाकुर प्रमोद सिंह बिष्ट ने कहा कि मौजूदा सरकार लैपटॉप की कीमत का चार गुना सुरक्षा पर तो खर्च कर सकती है पर छात्र-छात्राओं को उन्हें नहीं दे सकती। द्वेष भावना से छात्र-छात्राओं को इनसे वंचित किया गया। उन्होंने कहा कि यदि शासन ने छात्र-छात्राओं को लैपटॉप नहीं दिए तो समाजवादी पार्टी आंदोलन को बाध्य होगी। इस दौरान अमित कुमार, सदाकत मुन्ना, गजेंद्र कुर्मी, रचित शर्मा, मुदित यादव आदि मौजूद रहे।
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राजकीय इंटर कॉलेज में नौ साल से रखे हैं लैपटॉप
जिला उपाध्यक्ष हैदर अली ने बताया कि सपा शासनकाल में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मेधावी छात्र-छात्राओं को पढ़ाई में मदद के लिए लैपटॉप वितरण की योजना शुरू की थी। इसके तहत बरेली के राजकीय इंटर कॉलेज में लैपटॉप भेजे गए थे, जिनकी अनुमानित कीमत 15 लाख रुपये है लेकिन ये लैपटॉप वर्ष 2016 से कॉलेज के कमरा नंबर 16 में बंद पड़े हैं और इनकी सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
अब तक सुरक्षाकर्मियों पर खर्च हो चुके हैं 53 लाख
हैदर अली के मुताबिक लैपटॉप की रखवाली में लगाए गए पुलिसकर्मियों के वेतन और अन्य खर्चों के रूप में अब तक 53 लाख रुपये से अधिक का खर्च हो चुका है, जो उनकी कीमत का कई गुना है। इन लैपटॉप का उपयोग बच्चों की पढ़ाई के लिए होना चाहिए था, लेकिन ये बेकार पड़े हैं। समाजवादी पार्टी ने इस मामले में जिला विद्यालय निरीक्षक से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
डीआईओएस बोले- शासन को जानकारी देकर करेंगे कार्रवाई
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. अजीत कुमार ने कहा कि उन्होंने जनवरी 2025 में ही बरेली का कार्यभार संभाला है। अब इस मुद्दे को उनके संज्ञान में लाया गया है। उन्होंने कहा कि कार्यालय में उपलब्ध जानकारी के अनुसार अधिकांश लैपटॉप का वितरण पहले ही किया जा चुका है। जो बचे हैं उन्हें राजकीय इंटर कॉलेज में सुरक्षित रखा गया है। इस संबंध में पहले भी पत्राचार हो चुका है और अब वह शासन को इसकी जानकारी देकर आगे की कार्रवाई करेंगे। शासन से प्राप्त निर्देशों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।