निरंकारी प्रतिनिधि किशोर स्वर्ण ने बताया कि सत्गुरू माता सुदीक्षा महाराज की प्रेरणा से मथुरा जोन के सिकंदराबाद, डिबाई, खुर्जा, बुलंदशहर, सादाबाद, अलीगढ़, फरह, कोसीकलां सहित आगरा, भरतपुर, चंडीगढ़ आदि शहरों के 125 निरंकारी सेवादार भक्तों ने विपरीत मौसम की परवाह किए बगैर उत्साहपूर्वक रक्तदान किया।
शिविर का उद्घाटन दिल्ली से आए मुख्य अतिथि सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और केंद्रीय योजना एवं सलाहकार बोर्ड संत निरंकारी मिशन के चेयरमैन आरके कपूर ने किया। उन्होंने कहा कि रक्तदान करके हम उन लोगों से खून का रिश्ता जोड़ रहे हैं, जिन्हें हम जानते तक नहीं है, तभी तो बारिश और जलभराव की परवाह किए बगैर भी जहां शिविर होता है, निरंकारी भक्त रक्तदान करने के लिए पहुंच जाते हैं।
उन्होंने बताया कि संत निरंकारी मिशन सदैव ही समाज कल्याण के लिए प्रयासरत है। मिशन एक ओर जहां सत्य के बोध द्वारा मानव जीवन को सभी प्रकार के भ्रमों से मुक्त कर रहा है, वहीं पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधारोपण और स्वच्छता अभियान के सक्रिय आयोजन में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। जिसके परिणामस्वरूप आज विश्वभर में निरंकारी मिशन का सत्य, प्रेम और मानवता का संदेश जन-जन तक पहुंच रहा हैं।
नालियों में नहीं नाड़ियों में बहे रक्त
मथुरा के जोनल इंचार्ज एचके अरोड़ा ने बताया कि निरंकारी बाबा हरदेव सिंह के संदेश ‘रक्त नालियों में नहीं, नाड़ियों में बहे" को चरितार्थ करते हुए 1986 से अब तक 13 लाख 70 हजार से ज्यादा निरंकारी भक्त रक्तदान कर चुके है। भक्तों का यही उत्साह इस बार भी देखने को मिल रहा है।
निरंकारी सेवादल के सदस्यों ने भी किया रक्तदान
निरंकारी सेवादल के क्षेत्रीय संचालक अजय यादव, सेवादल संचालक अशोक दयालु और शिक्षक योगेश कुमार के साथ समस्त सेवादल के सदस्य जहां व्यवस्थाओं में जुटे रहे, वहीं रक्तदान में भी आगे रहे। शिविर में मथुरा के महर्षि दयानंद सरस्वती जिला चिकित्सालय के ब्लड बैंक की डॉ. गीता सिंह के नेतृत्व में दस सदस्यीय टीम ने जांच के बाद 125 यूनिट रक्त संग्रहित किया। जिसमें परामर्शदाता शुशीला शर्मा भी शामिल रहीं। रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र भी दिए गए।