सीएमओ डॉ. एके वर्मा ने बताया कि 9 सितंबर से जिले में क्षय रोगी खोज अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान 20 सितंबर तक चलेगा। लक्षण वाले मरीजों की ब्लॉकवार घर-घर स्क्रीनिग के लिए विभाग ने 240 टीमें लगाते हुए 48 सुपरवाइजरों को मॉनीटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. संजीव यादव के मुताबिक जांच में बीमारी की पुष्टि होने पर मरीज का इलाज 48 घंटे के अंदर शुरू किया जाएगा।
जिला समन्वयक शिव कुमार और आलोक तिवारी ने बताया कि राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंर्तगत 20 सितंबर तक चलाए जाने वाले अभियान में मलिन बस्ती, अनाथालय, वृद्धा आश्रम, मदरसा, नवोदय विद्यालय, सब्जी मंडी, फलमंडी, निमार्णाधीन प्रोजेक्ट, ईंट भट्ठे, साप्ताहिक मार्केट आदि जगहों पर नजर रखी जाएगी।
टीम के सभी सदस्यों का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। जांच में क्षय रोग की पुष्टि होने पर मरीजों की एचआईवी ब्लड शुगर, यूडीएसटी की जांच कराई जाएगी। साथ ही मरीज को पोषण भत्ता और पोषण किट भी दी जाएगी।
बांझपन की समस्या से जूझ रहीं महिलाएं भी कराएं जांच
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. संजीव यादव के मुताबिक वह महिलाएं भी टीबी की जांच कराएं जो बांझपन की समस्या से जूझ रही हैं, ऐसी महिलाओं को भी टीबी होने का खतरा बढ़ जाता है। यदि दो सप्ताह से अधिक समय से खांसी आ रही है या बुखार की समस्या है, बलगम में खून आता है, भूख कम लगती और वजन तेजी से कम हो रहा है, रात में पसीना आता, गले में कोई गांठ (लिम्फनोड) है। ऐसे में एसीएफ अभियान के दौरान घर पर दस्तक देने वाली स्वास्थ्य विभाग की टीम को जानकारी जरूर दें।
मथुरा में टीबी रोगियों का आंकड़ा-11 हजार से अधिक
- जनवरी 24 से अब तक मरीजों की संख्या करीब 9800
- मरीजों का सही होने का प्रतिशत करीब 90 प्रतिशत
- 5500 टीबी रोगियों को दी जा चुकी पोषण आहार किट